असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि आज हम देख रहे हैं कि ज्ञानवापी मस्जिद में क्या हो रहा है, प्रधानमंत्री और उनकी पार्टी कहती है कि 22 जनवरी इस मुल्क का तारीखी दिन था। मैंने पार्लियामेंट में इस बात को रखा कि अगर 22 जनवरी तारीखी दिन था, तो इसकी बुनियाद 6 दिसंबर 1992 को रखी गई।
असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि आज हम देख रहे हैं कि ज्ञानवापी मस्जिद में क्या हो रहा है, प्रधानमंत्री और उनकी पार्टी कहती है कि 22 जनवरी इस मुल्क का तारीखी दिन था। मैंने पार्लियामेंट में इस बात को रखा कि अगर 22 जनवरी तारीखी दिन था, तो इसकी बुनियाद 6 दिसंबर 1992 को रखी गई।