हिमाचल प्रदेश के राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं जन शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी ने किन्नौर जिले के तीन दिवसीय दौरे की शुरुआत की। पहले दिन उन्होंने चौरा पहुंचकर किन्नौर प्रवेश द्वार का शिलान्यास किया। इसके बाद मंत्री ने विकास खंड कल्पा के सांगला वैली स्थित ग्राम पंचायत ब्रुआ में 24 लाख रुपए की लागत से निर्मित बौद्ध मंदिर भवन और 65 लाख रुपए की लागत से बने पंचायत भवन का उद्घाटन किया। क्षतिग्रस्त मकानों की मुआवजा राशि बढ़ाई इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री ने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने राज्य आपदा राहत मैनुअल में बदलाव किए हैं। इसके तहत, आपदा प्रभावित लोगों के लिए क्षतिग्रस्त मकानों की मुआवजा राशि 1 लाख 30 हजार रुपए से बढ़ाकर 8 लाख रुपए कर दी गई है। वहीं, आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के लिए यह राशि 6 हजार रुपए से बढ़ाकर 1 लाख रुपए की गई है। भाजपा ने किया विश्वासघात- जगत नेगी जनजातीय विकास मंत्री ने बताया कि कांग्रेस सरकार हमेशा निर्धन और उपेक्षित वर्गों के साथ खड़ी रही है और उनके उत्थान के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि गरीब विरोधी भाजपा सरकार ने मनरेगा 2005 को खत्म कर देश के निर्धन लोगों के साथ विश्वासघात किया है। काम की गारंटी को केंद्र के पास रखने का निर्णय भाजपा की जनविरोधी सोच को दर्शाता है। सरकारी स्कूल सीबीएसई बोर्ड में परिवर्तित राजस्व मंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा सरकारी स्कूल को सीबीएसई बोर्ड में परिवर्तित किया जा रहा है। इसके तहत, जिले के भावा नगर, सांगला, रिकांगपिओ और कानम के विद्यालयों को सीबीएसई बोर्ड से जोड़ा जाएगा, ताकि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। कैबिनेट मंत्री ने ब्रुआ गांव के लिए कई विकास कार्यों की घोषणा की। ब्रुआ खड्ड में सुरक्षा दीवार बनाई जाएगी उन्होंने कहा कि ब्रुआ गांव की सड़क को पक्का किया जाएगा और ब्रुआ खड्ड में सुरक्षा दीवार बनाई जाएगी, ताकि भूस्खलन को रोका जा सके। इसके अतिरिक्त कंडे की सड़क को भी जल्द से जल्द खोला जाएगा। उन्होंने ग्रामवासियों की समस्याओं को सुना और उन्हें चरणबद्ध तरीके से पूरा करने का आश्वासन दिया। ग्राम पंचायत प्रधान ने किया स्वागत ग्राम पंचायत ब्रुआ की प्रधान गीता देवी ने मंत्री जगत सिंह नेगी का स्वागत किया और उन्हें गांव की समस्याओं से अवगत कराया। इस अवसर पर राजस्व मंत्री ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले प्रत्येक महिला मंडल को 15 हजार रुपए और एकल गीत गाने वाले बच्चों को 2 हजार रुपए की नकद राशि देने की घोषणा की।