शिमला के संजौली थाना क्षेत्र से एक 15 वर्षीय नाबालिग लड़की लापता हो गई है। परिजनों को घर से एक पत्र मिला है, जिससे परिवार में हड़कंप मच गया। किशोरी अपना मोबाइल फोन भी घर पर ही छोड़ गई है, जिससे उससे संपर्क करना मुश्किल हो रहा है। पुलिस ओर परिजनों ने उसकी तलाश के लिए अभियान चलाया, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा। परिजनों ने राहत की सांस तब ली, जबकि लड़की रात को अपने आप ही घर लौट आई। लापता किशोरी मूल रूप से शिमला जिले के रामपुर की रहने वाली है और अपने परिवार के साथ संजौली में रह रही थी। किशोरी की बड़ी बहन ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनकी 15 वर्षीय बहन 4 जनवरी को दोपहर करीब 3 बजे संजौली स्थित घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। वह घर से निकलते समय अपना मोबाइल फोन घर पर ही छोड़ गई थी और अपने साथ लगभग एक हजार रुपए नकद लेकर गई थी। किशोरी के पत्र से बढ़ी चिंता परिजनों ने शिकायत में यह भी बताया कि किशोरी ने एक पत्र छोड़ा है, जिसमें उसने घर वापस न आने की बात लिखी है और उसमें आत्महत्या से जुड़े विचारों का भी जिक्र है। इसके बाद परिवार ने रिश्तेदारों और संभावित स्थानों पर उसकी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने शुरू की तलाश संजौली थाना पुलिस ने किशोरी की तलाश के लिए टीम गठित कर दी है। आसपास के क्षेत्रों, बस अड्डों और संभावित स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया गया। हालांकि कई घंटे बाद भी लड़की का कोई पता नहीं चला। परिजन भी हताश होकर घर पर बैठ गए थे। इस बीच रात को लापता लड?की खुद ही घर आ गई। इससे परिजनोंने राहत की सांस ली।