हिमाचल के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने धर्मशाला में कॉलेज छात्रा की मौत के मामले में प्रदेश सरकार से उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि ऐसे संवेदनशील मामलों में सरकार को जल्दबाजी में कोई निर्णय नहीं लेना चाहिए। मंडी में मीडिया से बात करते हुए जयराम ठाकुर ने शिमला में डॉक्टर और मरीज के बीच हुए घटनाक्रम का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि तब भी उन्होंने जांच के बाद कार्रवाई की सलाह दी थी और इस मामले में भी उनकी यही सलाह है। प्रदेश को शर्मसार करने वाली घटना : ठाकुर उन्होंने बताया कि प्रारंभिक तौर पर सामने आए तथ्यों से सही स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है, इसलिए प्रदेश सरकार को इस मामले की उच्च स्तरीय जांच करवानी चाहिए। जयराम ठाकुर ने इन घटनाओं पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले कुछ समय से ऐसी वारदातों से प्रदेश शर्मसार हुआ है। उन्होंने मृतक छात्रा के परिजनों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं। जयराम ठाकुर ने नालागढ़ में हुए धमाके को लेकर भी प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि यदि इस धमाके के पीछे किसी संगठन का नाम आना सही है, तो यह प्रदेश के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हिमाचल प्रदेश में ऐसी वारदातों के लिए कोई जगह नहीं है और सरकार को इस मामले में सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।