धर्मशाला-मैक्लोडगंज मुख्य सड़क पर पिछले सात वर्षों से जारी मरम्मत कार्य अब स्थायी समाधान की ओर बढ़ेगा। बार-बार भूस्खलन से क्षतिग्रस्त हो रही इस सड़क के लिए भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण (जियोलॉजिकल सर्वे) कराया जाएगा। यह निर्णय विधायक केवल सिंह पठानिया की अध्यक्षता में वन विभाग और लोक निर्माण विभाग (PWD) की संयुक्त समीक्षा बैठक में लिया गया। बैठक में बताया गया कि पिछले सात वर्षों से विभाग लगातार सड़क की मरम्मत कर रहा है, लेकिन हल्की बारिश या दबाव पड़ने पर यह फिर से धंस जाती है। पठानिया ने इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण करवाने के निर्देश दिए हैं। विशेषज्ञों की टीम मिट्टी की जांच कर तकनीकी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी, जिसके आधार पर ही आगे निर्माण कार्य किया जाएगा। मैक्लोडगंज मार्ग धर्मशाला के लिए एक महत्वपूर्ण ‘लाइफलाइन’ मैक्लोडगंज मार्ग धर्मशाला के लिए एक महत्वपूर्ण ‘लाइफलाइन’ है, जहां साल भर देशी-विदेशी पर्यटकों की भारी आवाजाही रहती है। सड़क खराब होने के कारण अक्सर यहां घंटों लंबा जाम लग जाता था, जिससे पर्यटकों को भारी असुविधा होती थी। भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण के बाद सड़क को स्थायी रूप से मजबूत किया जाएगा, जिससे पर्यटकों को राहत मिलेगी। बैठक में चंबा जिले के कटोरी बंगला-भरमौर मार्ग के संबंध में भी जानकारी दी गई। इस संकरे मार्ग को अब डबल लेन में परिवर्तित किया जाएगा, जिसके लिए सरकार ने 93 करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत किया है। वर्तमान में इसका सर्वेक्षण चल रहा है और जल्द ही निविदा प्रक्रिया के बाद कार्य शुरू होगा। इस परियोजना से मणिमहेश यात्रा के श्रद्धालुओं और जनजातीय क्षेत्र के स्थानीय निवासियों को विशेष लाभ मिलेगा। उप-मुख्य सचेतक ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि लंबित विकास कार्यों को फाइलों में न अटकाया जाए। उन्होंने जोर दिया कि विकास कार्यों में देरी से आम जनता को होने वाली असुविधा स्वीकार्य नहीं होगी। बैठक में लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता (परियोजना) सुरेंद्र पॉल जगोटा और वन विभाग की डीएफओ (एफसीए) ऋचा बाचंटा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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