धर्मशाला के एक सरकारी कॉलेज की 19 वर्षीय छात्रा के मौत मामले में परिजनों ने पुलिस और कॉलेज प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। परिजनों के मुताबिक, शुरुआत में शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं की गई। मृतक छात्रा के भाई आर्यन ने बताया कि, उनकी बहन एक नंबर से परीक्षा में रह गई थी। इसलिए, उन्होंने बहन का री-वैल्यूएशन (पुनर्मूल्यांकन) फॉर्म भर रखा था। जब उनकी बहन कॉलेज गई तो एक प्रोफेसर ने उसे क्लास में बैठने नहीं दिया और बाहर जाने को कहा। आर्यन ने बताया कि इसी घटना के बाद से उनकी बहन पूरी तरह टूट गई और डिप्रेशन में चली गई, जिसके बाद परिवार लगातार अस्पतालों के चक्कर काटता रहा। मृतका की बुआ सोनिया ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि, ‘उसके साथ जिसने भी गलत किया है, उसे सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए।’ परिजनों ने रैगिंग, यौन उत्पीड़न और लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए। सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत के बाद जागी पुलिस: परिजन परिजनों के मुताबिक-CM हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराने के बाद ही पुलिस सक्रिय हुई और मामले की जांच शुरू की। इस दौरान कॉलेज प्रशासन से भी पूछताछ की गई थी। मृत छात्रा के दादा कमलेश कुमार और ताया रविंद्र कुमार ने बताया कि छात्रा लंबे समय से मानसिक रूप से परेशान थी और उसका इलाज चल रहा था। उसकी हालत बिगड़ने पर उसे डीएमसी लुधियाना में भर्ती कराया गया, जहां 26 दिसंबर 2025 को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घर पर सांत्वना देने उमड़ रहे लोग छात्रा की मौत के बाद उसके घर में शोक का माहौल है। विभिन्न छात्र, दलित और सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता पीड़ित परिवार से मिलने और उन्हें सांत्वना देने पहुंच रहे हैं। सभी संगठनों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।