हिमाचल प्रदेश के अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बीते 24 घंटे के दौरान हिमपात रिकॉर्ड किया गया। लाहौल स्पीति के कोकसर, सिस्सू, रोहतांग, कुंजम, शिंकुला दर्रा, बारालाचा व अटल टनल रोहतांग के अलावा चंबा के जोत व मणिमहेश, शिमला के कुफरी व नारकंडा और कुल्लू के सोलंग नाला में भी बर्फ के फाहे गिरे, जबकि ऊना में 2.2 मिलीमीटर और हमीरपुर के नेरी में 2.5 मिलीमीटर बारिश हुई है। प्रदेश में हल्की बारिश और बर्फबारी के बाद मैक्सिमम और मिनिमम टैम्परेचर में गिरावट दर्ज की गई है। इससे सुबह-शाम व रात के तापमान में बड़ी गिरावट हुई है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने अगले 72 घंटे तक शीतलहर चलने की चेतावनी दी है। यह अलर्ट ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर और कांगड़ा जिले के लिए दिया गया है। इस अलर्ट को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। जाहिर है कि अगले तीन दिनों को दौरान तापमान में गिरावट आएगी। प्रदेश का औसत अधिकतम तापमान पहले ही सामान्य से नीचे लुढ़क गया है। न्यूनतम तापमान भी सामान्य से कम हो गया है। लाहौल स्पीति के कई इलाकों में न्यूनतम तापमान माइनस 6 डिग्री से नीचे गिर चुका है। शिमला का तापमान 5.4 डिग्री गिरा शिमला का अधिकतम तापमान 5.4 डिग्री कम होने के बाद 10.0 डिग्री सेल्सियस रह गया है। कुफरी का अधिकतम तापमान 4.8 डिग्री कम होने के बाद 6.1 डिग्री, कुकुमसैरी का 4.9 डिग्री कम होने के बाद 4.7 डिग्री, मनाली का 4.0 डिग्री लुढ़कने के बाद 9.4 डिग्री और नाहन का तापमान 4.6 डिग्री कम होने के बाद 13.2 डिग्री सेल्सियस रह गया है। दिसंबर में नॉर्मल से कम बारिश मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में दिसंबर में बारिश नहीं हुई। एक से 31 दिसंबर के बीच सामान्य से 99% कम बारिश दर्ज हुई। इस अवधि में 0.2 मिलीमीटर हुई, जबकि 36.2 मिलीमीटर बारिश को सामान्य माना गया है। सिर्फ लाहौल-स्पीति में 0.7 मिलीमीटर बारिश हुई। इससे पहले 1902, 1907, 1925, 1939 और 1993 में ऐसा हुआ है। इस बार 32 साल ऐसा हुआ है जब दिसंबर सूखा गया है।