कांगड़ा जिले के मैक्लोडगंज और धर्मशाला में बारिश के साथ ही पर्यटन स्थल नड्डी और विश्व प्रसिद्ध ट्रैकिंग स्थल त्रिउंड समेत ऊंची चोटियों पर नए साल की पहली बर्फबारी हुई है। लंबे इंतजार के बाद हुई इस बर्फबारी ने नड्डी, त्रिउंड और आसपास के ऊंचाई वाले इलाकों को सफेद चादर से ढक दिया है। नववर्ष मनाने हिमाचल पहुंचे पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और चंडीगढ़ सहित पड़ोसी राज्यों के पर्यटकों ने बर्फबारी का अनुभव किया। बर्फबारी की खबर मिलते ही नड्डी, मैक्लोडगंज और त्रिउंड में सैलानियों की भीड़ उमड़ पड़ी। पर्यटकों ने बर्फ के बीच तस्वीरें लीं और नए साल के पलों को यादगार बनाया। होटल, कैफे और व्यू-प्वाइंट्स पर भी रौनक देखी गई। तीन माह से बने थे सूखे जैसे हालात बर्फबारी के साथ ही मैक्लोडगंज और धर्मशाला के निचले इलाकों में लगभग तीन माह के लंबे सूखे के बाद हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। बारिश और ऊंची पहाड़ियों पर बर्फ गिरने से पूरी कांगड़ा घाटी शीतलहर की चपेट में आ गई है। तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई है, जिससे सुबह और शाम के समय ठंड बढ़ गई है। स्थानीय लोग गर्म कपड़ों, हीटर और अलाव का सहारा लेते नजर आ रहे हैं। मौसम में आए इस बदलाव से जहां जनजीवन पर ठंड का असर बढ़ा है, वहीं लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे लोगों ने राहत की सांस ली है। रबी की फसल के लिए फायदेमंद नए साल पर नड्डी-त्रिउंड में हुई बर्फबारी पर्यटन कारोबारियों के लिए लाभकारी साबित हो रही है। इससे होटलों, होमस्टे, टैक्सी सेवाओं और ट्रैकिंग गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद है। तीन माह बाद हुई बारिश और बर्फबारी को रबी फसलों के लिए फायदेमंद माना जा रहा है। सेब सहित अन्य फलदार पौधों और नमी पर निर्भर खेती को इससे विशेष लाभ मिलेगा।

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