मंडी जिले में स्थित बाबा भूतनाथ मंदिर में स्वयंभू शिवलिंग पर 16 जनवरी की तारा रात्रि से माखन चढ़ाने की परंपरा शुरू होगी। यह अनुष्ठान एक माह तक चलेगा, जिसमें बाबा भूतनाथ को माखन के विभिन्न रूपों में सजाया जाएगा। इस दौरान शिवलिंग का जलाभिषेक नहीं किया जाएगा, बल्कि केवल दृढ़ कंबल रूपी माखन ही चढ़ाया जाएगा। यह परंपरा वर्ष 1527 से चली आ रही है। मान्यता है कि माखन को भगवान शिव को दृढ़ कंबल के रूप में चढ़ाया जाता है। आध्यात्मिक दृष्टिकोण से, 11 महीने तक जल चढ़ाने के बाद एक महीने के लिए जल की गागर उतारकर भगवान शिव को दृढ़ करने हेतु माखन अर्पित किया जाता है। प्रतिदिन माखन चढ़ाते रहेंगे श्रद्धालु प्राचीन काल में यह परंपरा केवल राजघराने तक सीमित थी, लेकिन अब हर श्रद्धालु इसमें भाग ले सकता है। पहले दिन मंदिर के महंत, पुजारी और अन्य श्रद्धालु 21 किलो माखन से बाबा का शृंगार करेंगे। इसके बाद एक माह तक प्रतिदिन श्रद्धालु माखन चढ़ाते रहेंगे। एक महीने बाद हटाया जाएगा माखन मंदिर के महंत देवानंद सरस्वती ने बताया कि 16 जनवरी को तारा रात्रि से बाबा भूतनाथ जी को माखन रूपी दृढ़ कंबल चढ़ाया जाएगा। यह माखन रूपी कंबल महाशिवरात्रि तक श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाया जाता रहेगा। 15 फरवरी को भक्त बाबा भूतनाथ के वर्तमान स्वरूप में दर्शन कर पाएंगे। इस एक माह की अवधि के बाद महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग से माखन हटाया जाएगा। इसके उपरांत जलाभिषेक किया जाएगा और शिवलिंग का महाशिवरात्रि महोत्सव के लिए विशेष शृंगार किया जाएगा। इसी के साथ महाशिवरात्रि पर्व का विधिवत शुभारंभ होगा।

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