धर्मशाला के लायंस क्लब में पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में ‘अटल स्मृति सम्मेलन’ का आयोजन किया गया। यह सम्मेलन भाजपा की वैचारिक मजबूती और संगठनात्मक शक्ति का प्रभावशाली प्रदर्शन रहा, जिसमें बड़ी संख्या में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। सम्मेलन में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष, पूर्व मंत्री व विधायक विपिन सिंह परमार ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी केवल एक प्रधानमंत्री नहीं थे, बल्कि वे स्वयं में एक संपूर्ण विचारधारा थे। उन्होंने राजनीति को सेवा, संवाद, मर्यादा और राष्ट्र निर्माण के साथ जोड़ा। परमार ने जोर देकर कहा कि अटल जी के सिद्धांतों को जन-जन तक पहुंचाना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि है। पूर्व मंत्री एवं विधायक सुधीर शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी की दूरगामी सोच आज भी देश को दिशा दे रही है। उन्होंने बताया कि कठिन परिस्थितियों में भी अटल जी ने सदैव राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा। शर्मा ने अटल जी के जीवन को ईमानदारी, लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्रभक्ति का आदर्श उदाहरण बताया, विशेषकर आज के अवसरवाद के दौर में। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा ही अटल जी की विचारधारा की सच्ची उत्तराधिकारी है। ज़िला कांगड़ा भाजपा अध्यक्ष सचिन शर्मा ने कहा कि इस ‘अटल स्मृति सम्मेलन’ से संगठन को नई ऊर्जा मिली है। उन्होंने बताया कि अटल जी के विचार आज भी पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं और भाजपा इन्हीं मूल्यों के साथ आगे बढ़ रही है। शर्मा ने सम्मेलन में उपस्थित सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। पूरे कार्यक्रम के दौरान “अटल हैं तो विश्वास है” की भावना स्पष्ट रूप से देखने को मिली। सम्मेलन में भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जो पार्टी की एकजुटता को दर्शाता है।

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