हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में 2026 तक दो प्रमुख विकास परियोजनाएं शुरू होने जा रही हैं। इनमें प्रदेश का पहला अत्याधुनिक ‘ऑटोमेटेड व्हीकल टेस्टिंग सेंटर’ और चंडीगढ़ की तर्ज पर एक आधुनिक टाउनशिप का निर्माण शामिल है। इन परियोजनाओं से कांगड़ा जिले की तस्वीर बदलने की उम्मीद है। प्रदेश का पहला प्रमाणित फिटनेस सेंटर
रानीताल-पठानकोट स्टेट हाईवे पर स्थित गहलियां गांव में ‘सस्टेनेबल एडवांटेज ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन’ बनकर तैयार है। यह हिमाचल प्रदेश का पहला और भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त एकमात्र वाहन परीक्षण केंद्र है। लगभग 8.50 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित इस केंद्र का उद्घाटन अगले माह मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू करेंगे। यहाँ वाहनों की फिटनेस जाँच मशीनों द्वारा की जाएगी, जिससे सड़क दुर्घटनाओं को कम करने में मदद मिलेगी। यह केंद्र गहलियां में राधा स्वामी सत्संग भवन के पास स्थित है। लंज और तियारा क्षेत्र में टाउनशिप सरकार ने कांगड़ा के लंज और तीयारा क्षेत्रों में प्रदेश का पहला आधुनिक और सुव्यवस्थित शहर (टाउनशिप) बसाने की योजना बनाई है। इसे ‘मिनी चंडीगढ़’ के रूप में विकसित किया जाएगा। इस टाउनशिप के लिए लगभग 473 कनाल भूमि चिह्नित की गई है। हिमाचल प्रदेश हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी (हिमुडा) को इस परियोजना को धरातल पर उतारने का जिम्मा सौंपा गया है। इसमें व्यवस्थित सड़कें, 24 घंटे जलापूर्ति, पार्क, ड्रेनेज सिस्टम और कमर्शियल कॉम्प्लेक्स जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं होंगी। फोर लेन के करीब होने से निवेश की संभावना यह क्षेत्र गग्गल हवाई अड्डे और निर्माणाधीन फोरलेन हाईवे के बेहद करीब है, जिससे यहाँ निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी। विधानसभा के उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया के अनुसार, यह टाउनशिप राज्य के औद्योगिक और सामाजिक विकास में एक मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में कांगड़ा को पर्यटन राजधानी बनाने के साथ-साथ बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है। गहलियां का टेस्टिंग सेंटर और लंज की नई टाउनशिप भविष्य के हिमाचल की नींव रखेगी।”

Spread the love