हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में एक टैक्सी ड्राइवर और आरटीओ कार्यालय के अधिकारी (एमवीआई) के बीच सड़क किनारे तीखी बहस होई। इसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। टैक्सी ड्राइवर ने अधिकारी पर दुर्व्यवहार और बेवजह परेशान करने का आरोप लगाया है। वायरल वीडियो के अनुसार, टैक्सी ड्राइवर का आरोप है कि उसके वाहन के सभी दस्तावेज डिजिटल रूप में उपलब्ध हैं। इसके बावजूद आरटीओ अधिकारी उससे मैन्युअल (हार्ड कॉपी) दस्तावेजों की मांग कर रहे थे। ड्राइवर का कहना है कि उसके कागजात पूरे होने के बावजूद नियमों का हवाला देकर उसे बेवजह परेशान किया गया। ड्राइवर ने वीडियो में दावा किया है कि चेकिंग के नाम पर उसे कथित तौर पर परेशान किया जा रहा है। उसने हिमाचल सरकार और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से इस तरह की चेकिंग बंद करने की अपील की है। ड्राइवर ने यह भी आरोप लगाया कि विभाग केवल छोटी गाड़ियों को निशाना बनाता है, जबकि वोल्वो बसों को कथित तौर पर ‘उगाही’ के बाद बिना रोक-टोक जाने दिया जाता है। वीडियो में एक तरफ ड्राइवर बहस करते हुए काफी उत्तेजित दिख रहा है, वहीं आरटीओ कुल्लू के अधिकारी अभिषेक उसके सवालों का जवाब देते नजर आ रहे हैं। वीडियो के एक हिस्से में टैक्सी ड्राइवर अधिकारी को गंभीर परिणाम भुगतने की बात कहते हुए भी सुना जा सकता है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अधिकारी अपना काम कर रहे होंगे, लेकिन घंटों तक वाहन रोककर चालक को परेशान करना उचित नहीं है, खासकर जब सभी दस्तावेज अब ऑनलाइन उपलब्ध हैं। नियमानुसार उसका चालान किया गया आर.टी.ओ. कुल्लू राजेश भंडारी ने मामले की पुष्टि करते हुए स्पष्ट किया कि मोटर वाहन निरीक्षक (MVI) अभिषेक कानूनन चालान करने के लिए पूरी तरह अधिकृत हैं और ड्राइवर द्वारा लाइसेंस व अन्य दस्तावेज न दिखाने तथा सीट बेल्ट न लगाने के कारण नियमानुसार उसका चालान किया गया है। उन्होंने कहा कि नियमतः चालक डिजिटल कॉपी दिखा सकता था, लेकिन वीडियो में उसका व्यवहार काफी आक्रामक था और वह सवारियों के साथ मिलकर अधिकारी को धमका रहा था। जहां तक रिश्वत की बात है, चालक ने कोई स्पष्ट आरोप नहीं लगाया कि अधिकारी ने पैसे मांगे, बल्कि एम.वी.आई. ने स्थिति को देखते हुए बहस करना उचित नहीं समझा।

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