हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले की प्रसिद्ध पैराग्लाइडिंग साइट गड़सा वैली में एक पर्यटक पैराग्लाइडिंग के दौरान 80 फीट की ऊंचाई से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। यह हादसा शनिवार (27 दिसंबर) शाम को हुआ, जिसकी जानकारी आज मिली है। प्रारंभिक जांच में पायलट की कथित लापरवाही और अनुभवहीनता को हादसे का कारण बताया जा रहा है। लोगों ने क्षेत्रीय अस्पताल पहुंचाया घायल पर्यटक की पहचान कोलकाता, पश्चिम बंगाल के पार्थ दवे पुत्र एम. दवे के रूप में हुई है। स्थानीय लोगों और प्रशासन ने उन्हें तुरंत क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू पहुंचाया। सिर और शरीर के अन्य अंगों में गंभीर चोटों के कारण डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया है। उनकी हालत फिलहाल नाजुक बनी हुई है। पैराग्लाइडर पायलट सुरक्षित प्रत्यक्षदर्शियों और प्रारंभिक जांच के अनुसार, टेक-ऑफ के कुछ ही देर बाद यह दुर्घटना हुई। बताया जा रहा है कि पायलट ने उड़ान भरने से पहले पर्यटक को सुरक्षा के प्रति आश्वस्त किया था। घटना में पैराग्लाइडर पायलट मोहन सिंह निवासी बरोट, मंडी सुरक्षित हैं। ऊंचाई से गिरने का मुख्य कारण पायलट की तकनीकी चूक और सुरक्षा मानकों की अनदेखी को माना जा रहा है। घटना का खुलासा होने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। पायलट पर केस दर्ज, जांच जारी एसपी कुल्लू मदन लाल कौशल ने बताया कि मामले की गहन जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगा रही है कि हादसा तकनीकी खराबी या सुरक्षा उपकरणों के गलत इस्तेमाल के कारण हुआ। पुलिस ने आरोपी पायलट के खिलाफ भूंतर थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 125 (लापरवाही से दूसरों के जीवन को खतरे में डालना) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साहसिक खेलों की सुरक्षा पर उठ रहे सवाल इस हादसे ने हिमाचल में साहसिक पर्यटन गतिविधियों से जुड़े संचालकों और उनके सुरक्षा दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने अब पर्यटन संचालकों को कड़े निर्देश जारी किए हैं कि सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन किया जाए। पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आने वाले समय में गड़सा वैली और अन्य साइट्स पर निगरानी और कड़ी की जा सकती है।