हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम (HPTDC) को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। निगम जल्द ही “प्लैटिनम कार्ड” योजना शुरू करेगा। जिसके तहत नियमित पर्यटकों और संस्थागत ग्राहकों को HPDTC के होटलों में विशेष सुविधाएं मिलेंगी। निगम के निदेशक राजीव कुमार ने बताया कि इस कार्ड के माध्यम से रियायती दरों पर कमरे, प्राथमिकता के आधार पर बुकिंग, विशेष सेवाएं और डाइनिंग ऑफर उपलब्ध होंगे। इसका मुख्य उद्देश्य बार-बार आने वाले पर्यटकों को निगम से जोड़ना और निजी होटलों के मुकाबले HPTDC की प्रतिस्पर्धा को बढ़ाना है। निगम अपनी आधिकारिक वेबसाइट को भी पूरी तरह से नया स्वरूप दे रहा है। इसे अधिक आधुनिक, सरल और उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाया जाएगा। नई वेबसाइट को एक डिजिटल हब के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे सीधे ऑनलाइन बुकिंग को बढ़ावा मिलेगा और ऑनलाइन ट्रैवल एजेंट (OTA) प्लेटफॉर्म के साथ बेहतर तालमेल स्थापित होगा। धार्मिक और तीर्थ पर्यटन पैकेज होंगे तैयार धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए HPTDC ने भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (IRCTC) के साथ सहयोग शुरू किया है। इसके तहत धार्मिक और तीर्थ पर्यटन पैकेज तैयार किए जाएंगे, जिनका राष्ट्रीय स्तर पर प्रचार-प्रसार होगा। इससे विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों और तीर्थ यात्रियों को लाभ मिलेगा, जिससे हिमाचल में धार्मिक पर्यटन को नई पहचान मिलेगी। कर्मचारियों के हित में निगम ने प्रदर्शन-आधारित प्रोत्साहन नीति लागू करने की दिशा में भी कदम बढ़ाए हैं। बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की 23 अक्टूबर 2025 को हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि जिन इकाइयों का प्रदर्शन निर्धारित लक्ष्य से बेहतर रहेगा, वहां कार्यरत कर्मचारियों को 5 प्रतिशत तक प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। HPTDC विदेशी मुद्रा कारोबार में प्रवेश की संभावना भी तलाश रहा है। इसके लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से एफएफएमसी (Full Fledged Money Changer) लाइसेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। औपचारिकताएं पूरी करने के लिए अधिकारियों की एक समिति भी गठित की गई है। इससे भविष्य में निगम को अतिरिक्त आय का एक नया स्रोत मिलने की उम्मीद है। निदेशक ने बताया कि निगम की कई इकाइयों के नवीनीकरण कार्य तेजी से चल रहे हैं। होटल हमीरपुर, हॉलिडे होम शिमला, मेघदूत, कियारीघाट, रेणुकाजी और जवाली के नवीनीकरण के टेंडर पूरे किए जा चुके हैं। होटल कुनाल धर्मशाला और लॉग हट्स मनाली का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि कुल्लू-मनाली क्षेत्र में तीन प्रमुख होटलों के नवीनीकरण पर करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे हैं। सेवानिवृत्त कर्मचारियों को राहत देते हुए निदेशक ने बताया कि उनकी ग्रेच्युटी और लीव एनकैशमेंट के भुगतान के लिए सरकारी बैंक से टर्म लोन लेने की प्रक्रिया शुरू की गई है, ताकि लंबित भुगतान शीघ्र निपटाए जा सकें। उन्होंने यह भी बताया कि यूनियन बैंक और पंजाब नेशनल बैंक के साथ समझौता कर उनके कर्मचारियों को मनाली और धर्मशाला जैसे पर्यटन स्थलों पर हॉलिडे होम सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इससे ऑफ-सीजन में भी एचपीटीडीसी की ऑक्यूपेंसी बढ़ेगी और स्थायी आय सुनिश्चित होगी। स्विगी-जोमैटो के साथ टाई-अप किया गया निदेशक के अनुसार, वर्ष 2024–25 में निगम ने अब तक 10 हजार 867.03 लाख रुपए का राजस्व अर्जित किया है। जनवरी 2024 से सभी इकाइयों में ई-ऑफिस व्यवस्था लागू कर दी गई है। मेक माय ट्रिप के साथ करार कर दो करोड़ रुपए की अग्रिम राशि प्राप्त हुई है। अब तक 7.79 लाख से अधिक दस्तावेजों का डिजिटलाइजेशन किया जा चुका है और 3 हजार 800 फाइलें व 110 सर्विस बुक स्कैन की जा चुकी हैं। इसके अलावा 197 एमओयू के माध्यम से लगभग 1.13 करोड़ रुपए का व्यवसाय हुआ है। निदेशक ने बताया कि शिमला, रामपुर, पालमपुर, धर्मशाला और मनाली में स्विगी-जोमैटो के साथ टाई-अप किया गया है। जबकि आउटडोर कैटरिंग के जरिए करीब 99.75 लाख रुपए की आय अर्जित की गई है। कर्मचारियों को एचआईपीए और आईएचएम कुफरी के माध्यम से नियमित प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। जिसमें प्रशासनिक, तकनीकी और आधुनिक कौशल से जुड़े विषय शामिल हैं। निदेशक ने कहा कि ये सभी पहल चेयरमैन आरएस बाली के मार्गदर्शन में की जा रही हैं और आने वाले समय में इसके सकारात्मक परिणाम जमीन पर साफ दिखाई देंगे।

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