विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने हिमाचल प्रदेश में कथित ‘जिहादी गतिविधियों’, ‘लैंड जिहाद’ और ‘लव जिहाद’ पर चिंता व्यक्त करते हुए राज्यपाल को एक ज्ञापन सौंपा है। यह ज्ञापन जिला कांगड़ा के उपायुक्त के माध्यम से भेजा गया। विहिप ने आरोप लगाया है कि बाहरी राज्यों से आए कुछ लोग राज्य की शांति और सांस्कृतिक पहचान को नष्ट करने की साजिश रच रहे हैं। संगठन का कहना है कि कुछ व्यक्ति व्यापार और मजदूरी की आड़ में हिमाचल की पवित्र भूमि पर धर्मांतरण, नशा तस्करी और अन्य आपराधिक गतिविधियों को बढ़ावा दे रहे हैं। संगठन के अनुसार, कई घटनाओं में धार्मिक स्थलों को निशाना बनाया गया है, गौ हत्या, चोरी और तोड़फोड़ के मामले सामने आए हैं। लड़कियों के साथ हो रहीं हैं घटनाएं संगठन ने यह भी कहा कि स्थानीय मुस्लिम निवासियों को भड़काकर मंदिरों और देवी-देवताओं का अपमान किया जा रहा है। चंबा से रोहड़ू और नूरपुर से ऊना तक कई जिलों में ‘लव जिहाद’ के मामलों में वृद्धि हुई है। हिंदू युवतियों को फंसाने और भगाने जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं। हाल ही में चंबा जिले में एक मुस्लिम व्यक्ति द्वारा नाबालिग लड़की के अपहरण और हिंदू देवी-देवताओं के अपमान का मामला भी चर्चा में रहा। संगठन का आरोप है कि इस मामले में आरोपी ने थाने में भी हिंदू परिवार को डराने का प्रयास किया। अभियान चलाकर कड़ी कार्रवाई करने की मांग विहिप ने प्रदेश सरकार से तीन प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें नशा तस्करी और ‘जिहादी गतिविधियों’ पर विशेष अभियान चलाने, चंबा घटना के आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करना और भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए एक ठोस नीति बनाना शामिल है। ज्ञापन पर बजरंग दल के प्रदेश सह संयोजक रोहित चौहान के हस्ताक्षर हैं।