पंजाब के तरनतारन स्थित खडूर साहिब से AAP विधायक मनजिंदर सिंह लालपुरा को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने मारपीट-छेड़छाड़ केस में उनकी सजा पर रोक लगाने के लिए दायर याचिका को खारिज कर दिया है। अब उनके पास सुप्रीम कोर्ट जाने का विकल्प ही रह गया है। अभी इस मामले में डिटेल ऑर्डर आना बाकी है। तरनतारन जिला कोर्ट ने दो माह पहले मनजिंदर सिंह लालपुरा समेत 12 लोगों को युवती से मारपीट और छेड़छाड़ के मामले में दोषी ठहराया था। इस मामले में पुलिस ने विधायक समेत 7 लोगों को गिरफ्तार किया था। 12 सितंबर को सुनवाई के दौरान विधायक समेत सभी दोषियों को चार साल की सजा सुनाई थी। विधायक लालपुरा अभी अमृतसर केंद्रीय जेल में बंद हैं। जानिए पीड़िता ने विधायक पर क्या आरोप लगाए थे… एक आरोपी की मौत, एक पहले ही जेल में बंद
इस मामले में SC/ST एक्ट की धारा 323, 324 व 354 का केस दर्ज हुआ था। कोर्ट ने विधायक मनजिंदर सिंह लालपुरा के अलावा 5 पुलिसकर्मियों दविंदर कुमार, सारज सिंह, अश्वनी कुमार, तरसेम सिंह और हरजिंदर सिंह को भी दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई थी। सजा सुनाए जाने के बाद विधायक समेत 7 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया था। हालांकि, कोर्ट ने गगनदीप सिंह और पुलिसकर्मी नरिंदरजीत सिंह और गुरदीप राज को ज्यूडिशियल हिरासत में नहीं भेजा था। कुल 12 आरोपियों में से एक आरोपी की मौत हो चुकी है, जबकि एक आरोपी पहले ही तिहाड़ जेल में बंद है। स्टे पर हाईकोर्ट ने पूछा था इतनी जल्दी क्यों है
तरनतारन की जिला अदालत की ओर से 4 साल की सजा सुनाए जाने के बाद विधायक लालपुरा ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट का रुख किया था। मनजिंदर सिंह लालपुरा के वकील ने दलील दी कि अगर सजा पर स्टे नहीं मिला तो उनकी विधानसभा सदस्यता स्वयं रद्द हो सकती है और क्षेत्र में नए सिरे से चुनाव कराने की नौबत आ जाएगी। इस पर अदालत ने कड़ी टिप्पणी करते हुए पूछा कि जब सदस्यता रद्द करने जैसे कदम अब तक नहीं उठाए गए, तो इतनी जल्दी किस बात की। ************************** इस खबर को भी पढ़ें: पंजाब के AAP विधायक को 4 साल कैद:लालपुरा ने टैक्सी ड्राइवर रहते युवती से छेड़छाड़ की थी; विधायकी जा सकती है पंजाब में खडूर साहिब से आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक मनजिंदर सिंह को तरनतारन की एडिशनल सेशन कोर्ट ने 4 साल की सजा सुनाई है। 10 सितंबर को अदालत ने 12 साल पहले युवती से मारपीट करने और छेड़छाड़ के आरोप में उन्हें दोषी ठहराया था, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। (पूरी खबर पढ़ें)

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