हिमाचल सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू आज (शनिवार को) फरीदाबाद में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में होने जा रही उत्तर क्षेत्रीय परिषद मीटिंग में भाग लेंगें। सीएम सुक्खू इसमें हिमाचल प्रदेश से जुड़े कई मसले उठाएंगे। इसको लेकर बीती शाम को ही सीएम फरीदाबाद पहुंच गए हैं। सीएम उत्तर क्षेत्रीय परिषद मीटिंग में बीबीएमबी के पास लंबित हिमाचल प्रदेश के 4000 करोड़ रुपए से अधिक के एरियर भुगतान का मसला उठा सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बावजूद बीबीएमबी हिमाचल को उसका एरियर नहीं दे रहा है। हिमाचल सरकार कई बार केंद्र और उत्तर क्षेत्रीय परिषद मीटिंग में पहले भी एरियर भुगतान का मसला उठा चुकी है। मगर बीबीएमबी इसे देने को तैयार नहीं है। चंडीगढ़ पर 7.9 प्रतिशत हिस्सेदारी भी मांगेगा हिमाचल इस दौरान- पंजाब पुनर्गठन अधिनियम-1966 के तहत चंडीगढ़ में हिमाचल को 7.9 प्रतिशत वैधानिक हिस्सेदारी मिलनी चाहिए। मगर राज्य को अब तक उसका हक नहीं मिला। हिमाचल सरकार ने इस मुद्दे को कई बार केंद्र के समक्ष उठाया है, लेकिन समाधान नहीं निकल पाया। सरकार का कहना है कि चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश होने के बावजूद पंजाब पुनर्गठन अधिनियम के अनुसार हिमाचल की वैधानिक हिस्सेदारी स्पष्ट रूप से निर्धारित है। इसके बावजूद प्रशासनिक एवं वित्तीय हिस्सेदारी को लेकर हिमाचल को उसका अधिकार नहीं मिला है। शानन प्रोजेक्ट वापस मांग सकते हैं सीएम इस मीटिंग में सीएम सुक्खू शानन प्रोजेक्ट का स्वामित्व भी हिमाचल को देने का मुद्दा उठा सकते हैं। पंजाब सरकार 100 साल की लीज पूरी होने के बावजूद हिमाचल के बिलासपुर में लगे इस प्रोजेक्ट वापस हिमाचल को देने को तैयार नहीं है, जबकि यह प्रोजेक्ट पंजाब को 100 साल की लीज पर दिया गया था। PM द्वारा घोषित आपदा पैकेज जारी करने की करेंगे मांग इस मीटिंग के पहले या बाद में सीएम सुक्खू केंद्रीय गृह मंत्री से वन टू वन भी मीटिंग कर सकते हैं। इसमें वह, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित 1500 करोड़ रुपए के स्पेशल पैकेज को शीघ्र जारी करने की मांग उठा सकते हैं। दरअसल, पीएम मोदी बीते 9 सितंबर को हिमाचल के दौरे पर आए। इस दौरान उन्होंने हिमाचल को स्पेशल पैकेज देने की घोषणा की। दो महीने से अधिक समय बीतने के बाद भी केंद्र ने यह राशि जारी नहीं की। इन मुद्दों पर होगी चर्चा अमित शाह की अध्यक्षता में होने वाली इस मीटिंग में आंतरिक सुरक्षा, सीमा प्रबंधन, क्षेत्रीय विकास, कानून व्यवस्था और अंतरराज्यीय सहयोग जैसे अहम विषयों पर चर्चा की जाएगी। इसमें हिमाचल के अलावा पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और चंडीगढ़ के उप-राज्यपाल/प्रशासक और मुख्यमंत्री भाग लेंगे। इसमें राज्य सरकारों और संघ शासित प्रदेशों के मुख्य सचिव, अन्य वरिष्ठ अधिकारी और केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी हिस्सा लेंगे।

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