शिमला जिला के रोहड़ू में एक स्टूडेंट की जातिगत प्रताड़ना और पिटाई मामले में शिक्षा विभाग ने टैम्परेरी टीचर को क्लीन चिट दे दी है। विभागीय जांच में पीड़ित बच्चे के परिजनों द्वारा लगाए आरोप निराधार पाए गए। स्कूल प्रबंधन समिति (SMC) अध्यक्ष राकेश ने भी बच्चे की पिटाई और छुआछूत के आरोपों को खारिज किया। दलित बच्चे के पिता दुर्गा सिंह ने टीचर की पिटाई से बेटे के कान का परदा खराब होने, शौचालय में ले जाकर उसकी पैंट में बिच्छू बूटी (कंटीला पौधा) डालने और स्कूल में अलग बिठाकर खाना खिलाने के गंभीर आरोप लगाए थे। इसे लेकर बच्चे के पिता ने बीते एक नवंबर को रोहड़ू में एट्रोसिटी एक्ट में मामला दर्ज करवाया है। पुलिस ने बीते कल ही बच्चे को पीटने वाले टैम्परेरी टीचर नितिश ठाकुर को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उसे 20 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इस मामले में पुलिस मेडिकल ओपिनियन का इंतजार कर रही है। इसके आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी। यहां पढ़िए क्या है पूरा मामला और पीड़ित छात्र के पिता ने क्या आरोप लगाए? बच्चे के पिता ने टीचर पर क्या आरोप लगाए पुलिस ने एट्रोसिटी एक्ट में माला दर्ज किया दुर्गा सिंह की शिकायत पर पुलिस ने BNS की विभिन्न धाराओं सहित, 3(1)(Va) SC/ST (POA) Act के तहत मामला दर्ज किया। DSP रोहड़ू प्रणव चौहान ने बताया कि पुलिस जांच कर रही है। उन्होंने बताया- जिस व्यक्ति पर पिटाई के आरोप लगे हैं, उसे गिरफ्तार कर दिया गया है। जातिगत प्रताड़ना के आरोप निराधार: SMC चेयरमैन स्कूल प्रबंधन समिति (SMC) चेयरमैन राकेश ने बताया कि बच्चे के साथ छुआछूत के आरोप गलत है। उनके दो बच्चे भी इसी स्कूल में पढ़ते हैं। उन्होंने बताया कि स्कूल में कुल 11 छात्रों में से 6 दलित, 3 नेपाली और 2 राजपूत है। सभी को एक साथ बिठाकर खाना खिलाया जाता है। राकेश ने बताया कि वह खुद भी एससी है। उनके बच्चों के साथ कभी भी जातिगत भेदभाव नहीं हुआ। राकेश ने बताया कि जिस टीचर पर पिटाई के आरोप लगे हैं, उसकी पत्नी कृतिका स्कूल में वाटर कैरियर है। कृतिका के कुछ समय पहले बेटा हुआ है। इसलिए नितिश स्कूल आता है और वाटर कैरियर के साथ साथ बच्चों को भी पढ़ाता है। SMC ने ही नितिश को पढ़ाने के लिए अनुमोदित किया है। जांच रिपोर्ट में आरोप निराधार शिक्षा विभाग की डिप्टी डायरेक्टर निशा भलूनी ने बताया कि ब्लॉक एलिमेंटरी एजुकेश ऑफिसर, प्रिंसिपल और सीएचटी को बच्चे की पिटाई मामले की जांच का जिम्मा दिया गया था। इस कमेटी ने स्कूल जाकर छात्रों, गांव के लोगों, एसएमसी और स्कूल के टीचर से पूछताछ की है। इसके बाद विभाग को भेजी गई रिपोर्ट में बच्चे के परिजनों द्वारा लगाए गए आरोप निराधार पाए गए। बाकी पुलिस अपनी कार्रवाई कर रही है।