शिमला जिले के रोहड़ू उपमंडल में स्कूल छात्र से मारपीट के मामले में चार दिन बाद भी कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। इस मामले में पुलिस चौकी खदराला में एससी/एसटी एक्ट के तहत शिकायत दर्ज की गई है। शिकायतकर्ता दुर्गा सिंह ने आरोप लगाया है कि उनके बेटे के साथ स्कूल में एक शिक्षक ने मारपीट और प्रताड़ना की है। शिकायत के अनुसार, राजकीय प्राथमिक पाठशाला (ABC) में मुख्य अध्यापक देवेंद्र ने पत्नी कृतिका ठाकुर की जगह नितिश ठाकुर नामक व्यक्ति को अवैध रूप से बच्चों को पढ़ाने के लिए नियुक्त किया है। आरोप है कि इसी नितिश ठाकुर ने दुर्गा सिंह के पहली कक्षा में पढ़ने वाले बेटे के साथ मारपीट की, जिससे बच्चे के कान से खून निकलने लगा। पीड़ित पिता ने बताया कि उनके बेटे को शौचालय में ले जाकर उसकी पैंट में बिच्छू बूटी डालकर प्रताड़ित किया गया। इसके कारण बच्चे के कान के परदे खराब हो गए हैं और उसे सुनने में दिक्कत हो रही है। आरोप है कि बच्चे को इस घटना के बारे में घर पर न बताने की धमकी भी दी गई थी। स्कूल में जाति के आधार पर अलग अलग बैठाते हैं दुर्गा सिंह ने स्कूल में जातिगत भेदभाव का भी आरोप लगाया है। उनके अनुसार, नेपाली, हरिजन और राजपूत वर्ग के बच्चों को अलग-अलग बैठाकर भोजन कराया जाता है, जो सामाजिक असमानता को दर्शाता है। शिकायत में यह कहा गया है कि 30 अक्टूबर को मुख्य अध्यापक देवेंद्र ने मामले को दबाने की कोशिश की। जबर्दस्ती गाड़ी में बैठाकर धमकाया उन्होंने दुर्गा सिंह को जबरदस्ती अपनी गाड़ी में बैठाकर धमकाया और कथित तौर पर ₹10,500 “माफीनामा” के तौर पर उनकी जेब में डाल दिए। इससे पहले, 29 अक्टूबर की रात करीब 10 बजे मुख्य अध्यापक देवेंद्र और शिक्षक बाबूराम दुर्गा सिंह के घर पहुंचे और उन पर मामले को सुलझाने का दबाव बनाया। चेतावनी दी- जीना तो यही है जब दुर्गा सिंह ने पंचायत प्रधान रोशन लाल से शिकायत की, तो प्रधान ने कार्रवाई करने के बजाय उन्हें सोशल मीडिया पर मामला न डालने की चेतावनी दी और कहा, “जीना तो यही है, इतना मत उछलो।” पुलिस ने शिकायत के आधार पर धारा BNS की विभिन्न धाराओं सहित, 3(1)(Va) SC/ST (POA) Act के तहत मामला दर्ज किया है।

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