हिमाचल में गंभीर आर्थिक संकट के बीच मार्केटिंग बोर्ड ने पुरानी बिल्डिंग की रेनोवेशन पर 90 लाख रुपए खर्च कर डाले। हैरानी इस बात की है कि आलीशान दफ्तर बनाने के लिए टेंडर 50 लाख रुपए में किया गया। मगर खर्च लगभग दोगुना कर दिया। अब सरकार को खबर किए बगैर इस टेंडर को आज होने वाली मार्केटिंग बोर्ड के निदेशक मंडल (BOD) की बैठक में मंजूरी देने की तैयारी है। यह मीटिंग मार्केटिंग बोर्ड के चेयरमैन एवं सेक्रेटरी एग्रीकल्चर सी पालरासू की अध्यक्षता में होगी। 50 लाख के काम पर 90 लाख खर्च करने को लेकर जब मार्केटिंग बोर्ड के प्रबंध निदेशक हेमिस नेगी से पूछा गया तो उन्होंने बताया- ऑफिस की रेनोवेशन का टेंडर 50 लाख रुपए में दिया गया था। मगर काम बढ़ने की वजह से खर्च 90 लाख रुपए हो गया। इसे मंजूरी के लिए BOD में रखा जाएगा। कृषि मंत्री को नहीं दी जानकारी हैरानी इस बात की है कि मार्केटिंग बोर्ड अधिकारियों ने कृषि मंत्री चंद्र कुमार को इसकी जानकारी तक नहीं दी। इसे लेकर जब कृषि मंत्री से बात की गई तो उन्होंने बताया कि पहले भी 16 लाख खर्च कर चुका बोर्ड सूत्र बताते हैं कि छह-सात साल पहले भी मार्केटिंग बोर्ड के ऑफिस की रेनोवेशन पर लगभग 16 लाख रुपए खर्च किए गए। अब दोबारा लाखों रुपए खर्च कर दिए गए है। किसानों का पैसा बार बार दफ्तर को आलीशान बनाने पर खर्च किया जा रहा है। मई-जून में लगाए गए टेंडर सूत्रों के अनुसार, मई-जून में जब ऑफिस की रेनोवेशन के लिए जब टेंडर लगाए गए तो उस दौरान भी दो फर्म को अयोग्य बताकर बाहर कर दिया गया। इनमें से एक फर्म ने 50 लाख रुपए से भी कम रेट टेंडर में भरे थे। आखिर में बची दो फर्म में से एक को टेंडर दिया गया और काम शुरू किया गया। अब ऑफिस का काम अंतिम चरण में है। इसलिए, BOD की मंजूरी के लिए मीटिंग में लाया जा रहा है। 75 करोड़ का सीए स्टोर बेस प्राइस पर दिया सवाल इसलिए खड़े हो रहे हैं क्योंकि जिससे मार्केटिंग बोर्ड को इनकम होनी होती थी, उन्हें बेस प्राइस पर भूस के भाव दे दिया जाता है। मार्केटिंग बोर्ड ने इसी साल करीब 75 करोड़ रुपए से बना पराला सीए स्टोर बेस प्राइस पर से सिर्फ एक लाख रुपए ज्यादा यानी 3.36 करोड़ रुपए में दे दिया और दफ्तर आलीशान बनाने के काम पर टेंडर से लगभग दोगुना बजट खर्च दिया जाता है। हालांकि, बीजेपी द्वारा विधानसभा में मुद्दा उठाने के बाद पराला सीए स्टोर के आवंटन पर रोक लगा दी गई है। इससे बोर्ड के अधिकारियों की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं। बीजेपी ने इस मामले में भी बोर्ड अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए थे। मंडी में सीए स्टोर भी सवालों के घेरे में मंडी जिला के जरलू में मार्केटिंग बोर्ड एक सीए स्टोर बनाने की तैयारी में है। इसके लिए मई-जून में एक फर्म से फिजिबिलिटी स्टडी करवाई गई। इस फर्म ने बोर्ड को अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया किया कि जिस जगह बोर्ड सीए स्टोर बनाना चाह रहा है, वह जगह सीए स्टोर के लिए उपयुक्त नहीं है। उस क्षेत्र में सेब भी न के बराबर है। उक्त फर्म ने जब यह रिपोर्ट दी तो उसके बाद फर्म को ही बाहर कर दिया और अब सीए स्टोर बनाने की तैयारी है। इसके लिए आज होने वाली BOD में मंजूरी देने की तैयारी है। इस पर लगभग 21 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।

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