हिमाचल सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आज छोटा शिमला सचिवालय में कैबिनेट मीटिंग होने जा रही है। इसमें पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव, शिमला नगर निगम महापौर का कार्यकाल पांच साल करने, विभिन्न विभागों में भर्ती, पूरे प्रदेश में स्पेशल रिलीफ पैकेज इत्यादि को लेकर फैसले हो सकते हैं। प्रदेश में इस साल दिसंबर में पंचायत चुनाव प्रस्तावित है। मगर, अब तक सरकार इसके लिए आरक्षण रोस्टर तक नहीं लगा पाई। इससे पहले चीफ सेक्रेटरी एक आदेश निकाल चुके हैं, जिसमें आपदा से बिगड़े हालात सुधरने के बाद चुनाव करवाने की बात कही गई है। उन्होंने अपने आदेशों में राज्य में डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट लागू करने की बात कही थी। वहीं इलेक्शन कमीशन तय समय पर चुनाव कराना चाहता है, क्योंकि यह संवैधानिक प्रावधान है। चुनाव कराना या नहीं कराना इलेक्शन कमीशन का मेन्डेट है। इन सब पहलुओं पर चर्चा के बाद कैबिनेट में फैसला हो सकता है। गांव में नक्शे पर मकान बनाने का हो सकता है फैसला कैबिनेट में ग्रामीण क्षेत्रों में नक्शे पर मकान बनाने का प्रावधान किया जा सकता है। अभी तक ग्रामीण क्षेत्रों में नक्शे पर मकान बनाने का प्रावधान नहीं है। हाईकोर्ट ने भी गांव में मकान बनाने को नक्शा अनिवार्य करने के निर्देश दे रखे हैं। इसे देखते हुए नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग ने एक प्रस्ताव सरकार को भेज रखा है। इस पर चर्चा के बाद कैबिनेट की मुहर लग सकती है। बीते दिनों की आपदा को देखते हुए नदी नालों के आसपास भी मकान बनाने पर रोक लग सकती है। शिमला मेयर को लेकर कैबिनेट में फैसला होगा कैबिनेट में नगर निगम शिमला के मेयर का कार्यकाल ढाई से बढ़ाकर पांच साल करने का फैसला हो सकता है। वर्तमान रोस्टर के मुताबिक, ढाई साल बाद मेयर का पद एससी महिला को आरक्षित हो जाएगा। 15 नवंबर के बाद मेयर सुरेंद्र चौहान की जगह किसी महिला की ताजपोशी होनी है। मगर सीएम सुक्खू अपने करीबी सुरेंद्र चौहान को पांच साल तक मेयर रखने के लिए आरक्षण रोस्टर में बदलाव कर सकते हैं। इसका फैसला आज कैबिनेट मीटिंग में होगा। स्पेशल पैकेज पर होगा फैसला कैबिनेट में आपदा राहत के लिए स्पेशल पैकेज को लेकर भी चर्चा संभावित है। अभी तक स्पेशल पैकेज मंडी जिला के सराज विधानसभा में दिया गया है। अन्य क्षेत्रों में स्पेशल पैकेज पर आज फैसला हो सकता है। शिमला-तारादेवी रोपवे को लेकर चर्चा संभावित कैबिनेट मीटिंग में तारादेवी-शिमला रोपवे प्रोजेक्ट को भी चर्चा के लिए लाया जा सकता है। 14 किलोमीटर लंबे इस रोपवे की टेंडर प्रक्रिया जारी है। इस प्रोजेक्ट को केंद्रीय वन मंत्रालय से भी वन संरक्षण अधिनियम के तहत स्टेज-1 की मंजूरी प्राप्त हो चुकी है।

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