हिमाचल सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने दिल्ली से लौटने के बाद मंगलवार को शिमला में मीडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा कि, इस महीने के अंत तक कांग्रेस संगठन के विस्तार की संभावना है। 13 अक्टूबर को पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह की प्रतिमा के अनावरण कार्यक्रम होना है। इससे संगठन का गठन रुका हुआ है। पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह की प्रतिमा के अनावरण कार्यक्रम में जब सोनिया गांधी के शामिल होने से जुड़ा सवाल सीएम से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि, अभी सोनिया गांधी का कोई ऑफिशियल प्रोग्राम नहीं आया। अधिकारिक कार्यक्रम आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। बता दें कि, सीएम सुखविंदर सुक्खू बीती शाम को ही दिल्ली से शिमला लौटे हैं। वह, कांग्रेस अध्यक्ष और संगठन पर चर्चा के लिए रविवार दोपहर बाद दिल्ली गए थे। सीएम के दिल्ली दौरे के बाद प्रदेश में संगठन को लेकर हलचल तेज हुई है। खासकर नए अध्यक्ष की ताजपोशी को लेकर चर्चाओं का बाजार खूब गर्म हो गया है। शिमला संसदीय क्षेत्र से बन सकता है अध्यक्ष चर्चा है कि, कांग्रेस का नया अध्यक्ष मंत्री या विधायकों में से बनेगा। शिमला संसदीय क्षेत्र से किसी नेता के अध्यक्ष बनने की प्रबल संभावना है। शिमला संसदीय क्षेत्र से मंत्री रोहित ठाकुर, विधायक कुलदीप राठौर, विनय कुमार, संजय अवस्थी और विनोद सुल्तानपुरी का नाम चर्चा में है। हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से भोरंज के विधायक एवं सीएम सुक्खू के करीबी सुरेश कुमार तथा कांगड़ा संसदीय क्षेत्र से आशीष बुटेल और संजय रत्न का नाम अध्यक्ष की रेस में गिना जा रहा है। अध्यक्ष की रेस में रोहित सबसे आगे शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर को अध्यक्ष की रेस में सबसे आगे माना जा रहा है। कुलदीप राठौर के भी अध्यक्ष बनने की चर्चाएं हैं। मगर वह खुद इस जिम्मेदारी के लिए पूरी तरह तैयार नहीं है, क्योंकि वह पहले भी अध्यक्ष रह चुके हैं। इनके विनय कुमार का नाम खूब चर्चा में है। हाईकमान ने एससी कार्ड खेला तो इन्हें भी अध्यक्ष बनाया जा सकता है। सत्ता की चाबी तय करने वाले कांगड़ा जिला को साधने के लिए आशीष बुटेल के भी अध्यक्ष बनने की चर्चाएं है। सीएम सुक्खू ने ये तीन नाम आगे बढ़ाए सूत्र बताते हैं कि, सीएम सुक्खू ने संजय अवस्थी, विनोद सुल्तानपुरी और सुरेश कुमार का नाम आगे किया है। मगर दूसरे गुट के नेता इन तीनों का हाईकमान के पास विरोध कर चुके हैं। 11 महीने से बिना संगठन के सत्तारूढ़ कांग्रेस हिमाचल में सत्तारूढ़ कांग्रेस के पास 11 महीने से संगठन नहीं है। इकलौती पदाधिकारी प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह बची हैं। उन्हें भी सात-आठ महीने से हटाने की चर्चाएं हैं। मगर कांग्रेस हाईकमान गुटबाजी की वजह से नए अध्यक्ष का फैसला नहीं कर पा रहा। अब नए अध्यक्ष की ताजपोशी तय मानी जा रही है। लेकिन, पार्टी हाईकमान पूर्व सीएम वीरभद्र की प्रतिमा कार्यक्रम से पहले प्रतिभा सिंह को इस पद से हटाना नहीं चाहेगा। गुटबाजी के कारण किसी एक नाम पर सहमति नहीं प्रदेश कांग्रेस के नेताओं में किसी एक नाम पर सहमति नहीं बन पा रही। इस वजह से पार्टी वर्कर मायूस है। पार्टी मुख्यालय में सन्नाटा पसरा है। हिमाचल सरकार में मंत्री चंद्र कुमार कांग्रेस संगठन को पैरालाइज्ड और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विप्लव ठाकुर डेडवड तक बोल चुकी हैं। मगर पार्टी हाईकमान पर इसका कोई असर नजर नहीं आ रहा। अब माना जा रहा है कि कांग्रेस ने अगला अध्यक्ष लगभग तय कर दिया है। इसका ऐलान वीरभद्र सिंह की प्रतिमा के अनावरण कार्यक्रम के बाद संभव है। सूत्र बताते हैं कि पहले कांग्रेस का अध्यक्ष बनेगा, उसके बाद राज्य, जिला और ब्लॉक कांग्रेस कार्यकारिणी बनेगी।