हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (HPU) ने आउटसोर्स आधार पर कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए विभिन्न कंपनियों के साथ किए गए समझौता ज्ञापनों (एमओयू) को समाप्त कर दिया है। HPU के इस कदम से 182 आउटसोर्स कर्मचारियों की रोजी रोटी पर संकट आ गया है। HPU द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार विभिन्न कंपनियों के साथ हुए ये एमओयू 30 सितंबर, 2025 को समाप्त हो रहे हैं। जिसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस संबंध में, HPU ने सभी विभागों, संस्थानों, केंद्रों और शाखाओं के प्रमुखों को निर्देश दिया है। उन्हें 1 अक्टूबर, 2025 से 7 अक्टूबर, 2025 तक उपरोक्त एजेंसियों द्वारा प्रदान किए गए आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवाएं न लेने को कहा गया है। न कंपनियों के साथ हुए करार खत्म..? वीवी प्रशासन द्वारा जिन कंपनियों के साथ करार खत्म किए है, उनमें नाइलिट शिमला, उत्तम हिमाचल प्रदेश, हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत वितरण निगम (HPSEDC) शिमला और भूतपूर्व सैनिक सुरक्षा एवं संबद्ध सेवा प्रा.लि. नोएडा (उत्तर प्रदेश) शामिल हैं। यह निर्देश माननीय कुलपति के अनुमोदन से जारी किया गया है। नए सिरे से होगा करार विश्वविद्यालय ने अपनी नोटिफिकेशन में स्पष्ट किया है कि वीवी नए सिरे से कंपनियों के साथ समझौते करेगी। नए समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर करने की प्रक्रिया में करीब एक सप्ताह का समय लग सकता है ऐसे में 6 अक्टूबर, 2025 तक एमओयू प्रक्रिया पूरी होने की संभावना है। प्रदर्शन पर उतर सकते है कर्मचारी..? कंपनियों के साथ करार समाप्त करने के बाद विश्वविद्यालय के 182 कर्मचारियों की नौकरी पर संकट आ गया है जिसके बाद कर्मचारी सड़कों प्रदर्शन कर सकते है जिसके लिए HPU प्रशासन ने SP शिमला को पत्र लिख कर विश्व विद्यालय में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने का आग्रह किया है। विवि ने SP को लेकर लिखा है कर्मचारियों के साथ छात्र संगठन भी इनके प्रदर्शन में शामिल हो सकते है। इसलिए विवि में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाए।