हिमाचल प्रदेश की अफसरशाही ने पहले फाइनेंस डिपार्टमेंट की अनुमति लिए बगैर पंचायत चौकीदारों का मानदेय बढ़ा दिया। फाइनेंस डिपार्टमेंट ने जब जांच कराई तो मंडी और हमीरपुर जिले में नाममात्र मानदेय पर काम कर रहे इन डेली वेजिज पंचायत चौकीदारों से रिकवरी शुरू कर दी। पंचायतीराज विभाग के इन आदेशों से पंचायत चौकीदारों में हड़कंप मच गया। हमीरपुर जिले में लगभग 17 महीने का बढ़ा हुआ मानदेय एक मुश्त काटा गया, जबकि मंडी में कुछ किश्तों में काटने के आदेश हुए है। अन्य जिलों में अभी ऐसे आदेश नहीं हुए। प्रदेश में लगभग 1500 पंचायत चौकीदार डेली वेजर हैं। जाने क्या हैं पूरा मामला पंचायत चौकीदारों से रिकवरी धोखा: प्रधान मंडी पंचायत चौकीदार एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष घनश्याम ठाकुर ने विभाग के इन आदेशों को पंचायत चौकीदारों के साथ धोखा बताया। उन्होंने राज्य सरकार से रिकवरी के आदेशों पर रोक लगाने की मांग की है। प्रदेश सरकार रिकवरी पर तत्काल रोक लगाए: प्रेम पंचायत चौकीदार यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष प्रेम वरधान ने रिकवरी के आदेशों पर रोक लगाने और 2025 में मानदेय बढ़ाने की जो घोषणा की गई थी, उसकी जल्द नोटिफिकेशन जारी करने की मांग की है। उन्होंने बताया- वित्त विभाग से परमिशन लेने और नोटिफिकेशन करना विभाग का काम है। इसके लिए मामूली से मानदेय पर काम करने वाले पंचायत चौकीदारों से रिकवरी करना गलता है। उन्होंने बताया कि, जल्द ही पंचायत चौकीदारों का एक प्रतिनिधिमंडल इस मांग को लेकर मुख्यमंत्री, पंचायतीराज मंत्री और अधिकारियों से मिलेगा।