हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध ज्वालामुखी शक्तिपीठ में 22 सितंबर से शुरू हो रहे अश्विन नवरात्र के लिए सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। एसपी देहरा के निर्देश पर डीएसपी शुमायला चौधरी ने टीम के साथ मंदिर परिसर का निरीक्षण किया। उन्होंने श्रद्धालुओं के लिए तय किए गए एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स की जांच की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मंदिर परिसर और शहर के सभी प्रवेश मार्गों पर सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाएंगे। मुख्य मार्गों पर डॉग स्क्वॉड और बम स्क्वॉड की निरंतर गश्त रहेगी। भीड़ नियंत्रण के लिए ट्रैफिक पुलिस की विशेष ड्यूटी लगाई गई है। नवरात्र के दौरान 100 अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी तैनात रहेंगे। मंदिर परिसर में कुछ प्रतिबंध भी लागू प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कुछ प्रतिबंध भी लगाए हैं। मंदिर क्षेत्र में अग्नि अस्त्र-शस्त्र ले जाने पर रोक रहेगी। मंदिर मार्ग पर अतिक्रमण नहीं किया जा सकेगा। भिक्षावृत्ति और लाउडस्पीकर का इस्तेमाल प्रतिबंधित रहेगा। नियमों का पालन करें श्रद्धालु : डीएसपी डीएसपी शुमायला चौधरी ने बताया कि रविवार से पुलिस बल तैनात कर दिया जाएगा, ताकि पहले नवरात्र से ही सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह लागू हो सके। उन्होंने श्रद्धालुओं से नियमों का पालन करने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है। श्रद्धालुओं के लिए तय किए गए एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स की भी समीक्षा की गई है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे नियमों का पालन करें और पुलिस प्रशासन का सहयोग करें।