DGHS ने फिजियोथेरेपिस्ट को ‘डॉ.’ उपाधि का इस्तेमाल नहीं करने को कहा है। उनका कहना है कि इससे मरीजों को भ्रम हो सकता है। यह मेडिकल डिग्री एक्ट का उल्लंघन है और कानूनी कार्रवाई हो सकती है। 

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