हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम (एचपीटीडीसी) ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मेक माय ट्रिप के साथ समझौता किया है। धर्मशाला स्थित कश्मीर हाउस में दोनों के बीच समझौता ज्ञापन पर साइन हुए है।निगम के अध्यक्ष रघुबीर सिंह बाली के अनुसार, एचपीटीडीसी के 57 होटलों के 1,111 कमरे अब मेक माय ट्रिप और अन्य निजी प्लेटफॉर्म पर बुक किए जा सकेंगे। मेक माय ट्रिप ने निगम को 2 करोड़ रुपए का एडवांस भुगतान किया है। पर्यटन निगम ने पिछले तीन सालों में अच्छा प्रदर्शन किया है। 2022-23 में 109 करोड़, 2023-24 में 105 करोड़ और 2024-25 में 107 करोड़ रुपए का टर्नओवर रहा। निगम ने अपनी संपत्तियों को ए, बी और सी श्रेणियों में बांटा है। समझौते के तहत मेक माय ट्रिप सरकार का रणनीतिक साझेदार बनेगा। कंपनी पर्यटकों की वरीयताओं, यात्री जनसांख्यिकी और आपूर्ति श्रृंखला की जानकारियां साझा करेगी। बाली ने बताया कि पिछले तीन साल से निगम को प्रदेश सरकार से कोई ग्रांट नहीं मिली है। पूर्व सरकार के समय के 100 करोड़ रुपए कर्मचारियों के बकाया हैं। निगम अपनी संपत्तियों को लीज पर देने से बचने के लिए लोन लेने पर विचार कर रहा है। पिछले तीन साल से पर्यटन निगम को प्रदेश सरकार से कोई ग्रांट नहीं मिली-बाली
बाली ने बताया कि पिछले तीन साल से पर्यटन निगम को प्रदेश सरकार से कोई ग्रांट नहीं मिली है, जबकि पूर्व सरकार के समय के 100 करोड़ रुपए कर्मचारियों के बकाया अब भी लंबित हैं। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर निगम लोन लेने पर विचार कर रहा है, ताकि निगम की संपत्तियों को लीज पर देने की स्थिति न आए। उन्होंने जोर देकर कहा कि हिमाचल की अर्थव्यवस्था में पर्यटन की महत्वपूर्ण भूमिका है और निगम लगातार नई पहल कर पर्यटकों को बेहतर सेवाएं देने के साथ-साथ अपनी कमाई बढ़ाने पर काम कर रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हिमाचल की अर्थव्यवस्था में पर्यटन की महत्वपूर्ण भूमिका है और निगम लगातार नई पहल कर पर्यटकों को बेहतर सेवाएं देने के साथ-साथ अपनी कमाई बढ़ाने पर काम कर रहा है। पर्यटन को नई उड़ान देने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। पर्यटन विकास निगम (HPTDC) और देश की अग्रणी ऑनलाइन ट्रैवल कंपनी मेक माय ट्रिप के बीच धर्मशाला स्थित कश्मीर हाउस में समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते का मकसद राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देना, देश-विदेशी पर्यटकों को हिमाचल के धार्मिक और आध्यात्मिक स्थलों की जानकारी देना तथा उन्हें बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।