हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का एक सोशल मीडिया पोस्ट चर्चा में आया है, जिसमें उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। सीएम सुक्खू ने प्राकृतिक आपदा से भारी तबाही के बावजूद विशेष राहत पैकेज नहीं मिलने पर केंद्र सरकार के रवैये पर सवाल उठाए। उन्होंने लिखा- हमारे लोग आपदा से उजड़ गए। मगर केंद्र से विशेष राहत पैकेज नहीं मिला। सीएम सुक्खू ने क्या कहा.. हमारे लोग आपदा से उजड़ गए, घर बह गए, जिंदगियां बिखर गईं। पर अफ़सोस, केंद्र सरकार की ओर से अब तक विशेष राहत पैकेज नहीं आया। जब वक्त की मार सबसे भारी होती है तो राहत का इंतजार और भी दर्दनाक हो जाता है। हमने अपने सीमित संसाधनों से हर पीड़ित तक मदद पहुंचाने की कोशिश की है, क्योंकि हमें मालूम है समय पर मिली राहत ही सच्ची राहत होती है। अब जब जनता का दुख आसमान छू रहा है, तब केंद्र की चुप्पी किसकी सेवा कर रही है? क्या आपदा भी अब राजनीति के तराज़ू पर तौली जाएगी? हम केंद्र सरकार से फिर आग्रह करते हैं, अब देरी न करें, विशेष आपदा पैकेज तुरंत जारी करें। 2023 में 12 हजार करोड़ का नुकसान बता दें कि साल 2023 में हिमाचल में सदी की सबसे भीषण आपदा आई थी। उस दौरान 12 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा की निजी व सरकारी संपत्ति तबाह हो गई थी। 500 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। मगर केंद्र ने स्पेशल पैकेज नहीं दिया। 2023 में हिमाचल सरकार ने विधानसभा में प्रस्ताव पारित करके हिमाचल की आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने का आग्रह किया था। बीते साल भी कई क्षेत्रों में मानसून में भारी नुकसान हुआ। इस साल भी 2800 करोड़ रुपए से ज्यादा की संपत्ति नष्ट हो चुकी है। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा, अब तक एक भी रुपए स्पेशल रिलीफ पैकेज नहीं मिला। केंद्र से अब तक जो बजट मिला है, वह एसडीआरएफ के तहत मिलना ड्यू था। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार अपने संसाधनों से आपदा प्रभावितों की मदद कर रही है। जिनके घर टूटे, उन्हें 7 लाख रुपए दिए जा रहे हैं। घर के सामान व कपड़े के लिए 70 हजार रुपए, जिनके घर को आंशिक नुकसान, उन्हें 25 हजार से 1 लाख रुपए, जिनके पशुधन को नुकसान, उन्हें 55 हजार रुपए दिए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री केंद्र सरकार से बिना विलंब किए राहत राशि जारी करने का आग्रह किया है, ताकि प्रभावित परिवारों को समय पर राहत राशि दी जा सके।

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