हिमाचल प्रदेश के कुल्लू और मंडी जिला में भारी बारिश के बाद ब्यास नदी का जल स्तर तेजी से बढ़ रहा है। मंडी में ब्यास का पानी पंचवक्त्र मंदिर के प्रांगण तक पहुंच गया है। साल 2023 में भी यह मंदिर आधा ब्यास में डूब गया था। इस बार दोबारा ब्यास का पानी मंदिर के प्रांगण तक पहुंचा है। वहीं ब्यास का पानी मंडी शहर के साथ लगती भयूली कॉलोनी तक पहुंच गया है। इसके बाद स्थानीय प्रशासन ने 8 परिवारों के 40 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर दिया है। भयूली कॉलोनी में ब्यास का पानी लोगों के घरों की पहली मंजिल तक टच कर चुका है। अभी भी नदी का जल स्तर बढ़ता जा रहा है। इससे खतरा अभी टला नहीं है। मंडी और कुल्लू में तीन दिन से निरंतर बारिश हो रही है। इससे जल स्तर बढ़ता जा रहा है। पंडोह डैम से अब कल छोड़ा जाएगा पानी वहीं बीती रात में पंडोह डैम से भी पानी छोड़ा गया है। आज फिर से पानी छोड़ने की तैयारी थी। मगर जिला प्रशासन के अनुरोध पर आज पानी पंडोह डैम से पानी छोड़ने का काम रोक दिया गया है। अब अगले कल (27 अगस्त) पानी छोड़ा जाएगा। बिजली उत्पादन ठप्प पंडौह डैम में भी भारी मात्रा में सिल्ट आ गया है। इससे डैम से पानी छोड़ना जरूरी हो गया है। भारी मात्रा में सिल्ट आने से बिजली का उत्पादन भी ठप हो गया है। ब्यास के रौद्र रूप से दवाड़ा में नदी पर लगा 70 मीटर से लंबा पैदल चलने योग्य पुल भी नदी में समा गया है। जैसे ही ब्यास का पानी पुल के ऊपर से बहने लगा, पुल भी टूटकर नदी में मिल गया। भारी बारिश के बाद लैंडस्लाइड से चंडीगढ़-मनाली फोरलेन पर भी वाहनों की आवाजाही बंद पड़ी है। सराज में 30 घरों को खतरा मंडी जिला के ही सराज विधानसभा की ग्राम पंचायत तांदी के लाछ और गाता गांवों में पहाड़ी धंसने से 30 से ज्यादा घर खतरे की जद में आ गए हैं। प्रशासन ने 4 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया है। बालीचौकी में दो घर जमीदोज वहीं बालीचौकी में भी बीती रात को दो मकान जमींदोज हो गए। इनमें लगभग 30 दुकानें चल रही थी। हालांकि इन मकानों को पांच दिन पहले ही खाली करवा दिया गया था। इससे कोई जानी नुकसान नहीं हुआ।