{रिपोर्ट:  दीपक ‘कुल्लुवी’ भुंतर}/भारतीय  कृषी अनुसंधान परिशद (भा0कृ0अनु0प0) नई दिल्ली के अन्तर्गत केन्द्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान अविकानगर, जिला टोंक, राजस्थान के उत्तरी षीतोश्ण क्षेत्रीय केन्द्र, गड़सा में दिनाँक 09.02.2019 को केन्द्र का 57वाँ स्थापना दिवस का षुभारम्भ माँ सरस्वती के समक्ष द्वीप प्रज्वलित कर किया गया। इस  क्षेत्रीय अनुसंधान केन्द्र की स्थापना वर्श 1963 में हिमाचल प्रदेष के कुल्लू जिले के गड़सा गाँव के निकट हुई। वर्तमान में यह परिसर उत्तरी षीतोश्ण क्षेत्रीय केन्द्र गड़सा के नाम से जाना जाता है। इस अवसर पर केन्द्र  के प्राचार्य वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ0 ओमहरी चतुर्वेदी ने सभी अतिथियों एवं आगुन्तकों का स्वागत करते हुये वर्तमान ग्रामीण अर्थव्यवस्था में भेड़ पालन के महत्व पर प्रकाष डालते हुये भेड़ गीत का गान किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ0 आर्तबन्धु साहू, अध्यक्ष पषु पोशण विभाग केन्द्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान अविकानगर, जिला टोंक, राजस्थान ने संस्थान द्वारा विकसित भेड़ पालन से सम्बन्धित  नवीनतम तकनीकों एवं किसानोपयोगी योजनाओं के बारे में बताया।  इस अवसर पर विषिश्ट अतिथि डॉ0 संजीव नड्डा उप-निदेषक, पषु पालन विभाग, कुल्लू ने विभाग द्वारा किसानों के लिए चलाये जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों के बारे में बताया। विषिश्ट अतिथि  डॉ0 एस0 एस0 सामान्त  प्रभारी वैज्ञानिक, हिमाचल इकाई गोबिन्द बल्लभ पन्त राश्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण एवं सतत् विकास संस्थान हिमाचल इकाई, मौहल-कुल्लू  ने हिमालयी पर्यावरण एवं इसके सतत् विकास हेतु पर्वतीय क्षेत्रों में विद्यमान जैव विविधता को बरकरार रखने तथा पारिस्थितिकी अनुकुल  पर्यावरण पर बल देते हुये प्लास्टिक मुक्त वातावरण पर बल दिया। विषिश्ट अतिथि डा0 कुमार चंद षर्मा, कार्यक्रम समन्वयक, चौधरी श्रवण कुमार कृशि विष्वविद्यालय, कृशि विज्ञान केन्द्र, बजौरा, जिला कुल्लू ने किसानों का दिये जाने वाले प्रषिक्षणों एवं योजनाओं के बारे में बताया। विषिश्ट अतिथि डॉ0 डी0 आर0 ठाकुर  सह-निदेषक, अनुसंधान एवं प्रसार , चौधरी श्रवण कुमार कृशि विश्वविघालय, पर्वतीय कृशि अनुसंधान एवं प्रसार केन्द्र, बजौरा, कुल्लू  ने उनके केन्द्र द्वारा विकसित पर्वतीय क्षेत्रों के किसानों के लिए लाभकारी प्रजातियों की जानकारी दी। इस अवसर पर किसान वैज्ञानिक संगोश्ठी आयोजित की गई जिसमें लगभग 70 किसानों ने भाग लिया। आगुन्तकों एवं किसानों के लिये भेड़ एवं खरगोष सम्बन्धी प्रदर्षनी लगाई गई। श्रीमती बीना ठाकुर  प्रगतिषील किसान एवं प्रधान ग्राम पंचायत मंगलौर तथा श्री नेक राम षर्मा ग्राम व पोस्ट नांज ने इस अवसर पर अपने विचार प्रकट किये एवं उनके द्वारा अपनायी जा रही कृशि एवं पषुपालन सम्बन्धी लाभकारी उन्नत तकनीकों का वर्णन किया। सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान स्थानीय कलाकारों द्वारा कुल्लू जिले की प्रसिद्ध कुल्लवी नाटी प्रस्तुत की गई। कार्यक्रम का संचालन केन्द्र के सहायक प्रषासनिक अधिकारी श्री दुर्गा लाल वर्मा ने किया। केन्द्र के वरिश्ठ वैज्ञानिक डॉ0 के0 एस0 राजा रवीन्द्र ने सभी अतिथियों एवं आगुन्तकों का धन्यवाद ज्ञापित किया।
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