(न्यूज़ प्लस ब्यूरो- शिमला) देवभूमि के नाम से जाना जाने वाला शांत प्रदेश भी अब दिन प्रतिदिन अशांत होता जा रहा है आए दिन हिमाचल में भी चोरी डकैती लूट मार की घटनाये सामने आ रही है, और अब दो कंपनियों ने 22.15 करोड़ का फ्रॉड किया है। सीबीआइ की शिमला ब्रांच ने दोनों के खिलाफ अलग-अलग एफआइआर दर्ज की है। जिसमे  पहला मामला सीबीआइ ने ब्राइट प्लास्टिक फर्म और ब्रिलियेंट इलेक्ट्रो एयर फर्मों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। इनमें ब्राइट प्लास्टिक फर्म घरों में काम आने वाले सामान के पाट्र्स बनाने का काम करती है। फर्म के मालिक ने 31 अक्टूबर 2018 को न्यू शिमला स्थित आंध्रा बैंक की ब्रांच से 12.15 करोड़ का लोन मंजूर करवाया था।  इसके बदले में फर्म  के मालिक सर्वप्रीत चावला ने पंजाब के फतेहगढ़ में जमीन को गिरवी रखा था। बैंक ने जांच में जिस यूनिट के लिए लोन लिया गया था वो काम नहीं कर रही। यही नहीं फर्म ने जिस जमीन को सिक्योरिटी के तौर पर रखा थो उसकी ओवर वेल्यू दिखाई गई। इस तरह बैंक से लिया गया 12.15 करोड़ का लोन एनपीए में बदल गया। दूसरा मामला इस फर्म को साल 2017 में लोन मंजूर किया गया। इस फर्म ने ब्राइट प्लास्टिक फर्म के मालिक सर्वप्रीत को अपना गारंटर बनाया। इस तरह दोनों ने बैंक से कुल मिलाकर फर्मों के लिए 22.15 करोड़ रुपये का लोन लिया और एक दूसरे के गारंटर बन गए। सीबीआई की जांच में पाया गया है कि दोनों फर्मों ने काम के लिए गए लोन में लिए पैसों को अपने रिश्तेदारों के खाते में ट्रांसफर करवा दिया। इस तरह दोनों ने एक सुनियोजित तरीके से बैंक को करोड़ों का चूना लगाया। सीबीआइ ने दोनों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। जल्द ही आरोपितों पर कड़ा शिकंजा कसेगा।

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